
*सद्भावना मंच ने मनाई सावित्रीबाई फुले की जयंती*
खंडवा, देश की प्रथम महिला शिक्षिका तथा महान समाज सेविका सावित्रीबाई फुले की जयंती के अवसर पर सद्भावना मंच ने कार्यक्रम आयोजित कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। मंच संस्थापक प्रमोद जैन ने कहा सावित्रीबाई फुले पढ़ी-लिखी नहीं थी किंतु उनके पति ज्योतिबा फुले बड़े विचारक एवं चिंतक लेखक थे।उन्हीं से सावित्रीबाई ने पढ़ना लिखना सीखा तथा लड़कियों को जीवन भर शिक्षित करने का संकल्प लिया। उन्होंने देश की प्रथम लड़कियों की स्कूल की शुरुआत की। तब सेवा लगातार नारी कल्याण के लिए कार्य करती रही। इस अवसर पर उपाध्यक्ष आनंद तोमर, सुरेंद्र गीते, के बी मनसारे, योगेश गुजराती, देवेंद्र जैन, डॉ जगदीशचंद्र चौरे, रजत सोहनी, शइद मतीन, राधेश्याम शाक्य, त्रिलोक चौधरी, आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए।












